सेवाकुंभ २०१९ -वि.हिं.प. कोंकण प्रान्त – मुंबई

रविवार दिनांक २२ दिसंबर २०१९ को कांदिवली चारकोप के हरियाणा भवन में वि.हिं.प सेवा विभाग द्वारा सेवा कुंभ का आयोजन किया गया | विश्व हिन्दू परिषद् हर ५ वर्ष में अपने सेवा प्रकल्पो का एकत्रीकरण करता है | इस से पहले वर्ष २०१५ में ठाणे में सेवा कुंभ आयोजित किया गया था | हरीयाणा भवन के दुसरे माले के सभागृह में सबरे १० बजे दीप प्रज्वलन से इस कार्यक्रम की शुरवात हुवी
सेवा कुंभ के उद्धाटन समारोह में –
१. आदरणीय जैन मुनि श्री नय पद्म सागरजी महाराज,
२. श्री आनद गोयल जी – वि.हिं.प. अखिल भारतीय सेवा सह संयोजक,
३. श्री भार्गवराव  सरपोतदार जी  – मुंबई क्षेत्र सेवा संयोजक,
४. श्री श्रीरंग राजे – मुंबई क्षेत्र संगठन मंत्री,
५. श्री देवकीनंदन जिंदल (बाबूजी) – कोंकण प्रान्त अध्यक्ष ,
६. श्री रामचंद्र रामुका – कोंकण प्रान्त मंत्री,  मंच पर उपस्थित थे |
सुबह के सत्र का सूत्र संचलन श्री माधव जी बर्वे ने किया तो शाम के सत्र का सूत्र संचलन डॉ सौ अश्विनी जी  बापट ने किया |
सुबह १० से १२.४५ के सत्र में आदरणीय जैन मुनि श्री नय पद्म सागरजी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा – जैन पंथ और हिन्दू धर्म अलग नहीं है | मानव का जन्म यह सेवा करने के लिए ही होता है | “सेवा परमो धर्म“ “धर्मो रक्षति रक्षिता” : यानी सेवा ही धर्म है  और धर्म की रक्षा करना यानी सेवा करना होता है  | हिन्दू धर्म और सेवा का विलक्षण नाता इस संसार मे सिर्फ हिंदू धर्म ही मानवता की निस्वार्थ सेवा करता है यही हिन्दू समाज की विशेषता है | हर सेवा  प्रकल्प यह समाज में “समुद्र के बीचो बीच बने के द्वीप के” तरह होता है | सेवा करना कितना महत्व पूर्ण है | आज सेवा शब्द की व्याख्या बदल गई है | आज सेवा एइछिक नहीं है | सेवा यह पूर्णकालीन काम है सेवा के बदले में पैसे मिलते है | लेकिन मन लगा कर सेवा करने से आनद मिलता है | सेवा करना यानी इशव की भक्ति करना है | सेवा का महत्व समझाते हुवे उन्हों ने अपना आशीर्वचन प्रस्तुत किया |
वि.हिं.प. अखिल भारतीय सेवा सह संयोजक – श्री आनद जी गोयल ने उपस्थितो का मार्गदर्शन किया | विश्व हिन्दू परिषद् यह हिन्दू ओंका विश्व व्यापी संघटन आपने विविध आंदोलनों के करण प्रसिद्ध है | आज तक मिडिया ने इस संघटन की मारधाड़ वाली छवी ही लोगो के सामने प्रस्तुत की है | लेकिन विश्व हिन्दू परिषद का सेवा एक प्रमुख अंग है | शिक्षा, स्वास्थ, सामाजिक, स्वयं रोजगार, आपदा प्रबंधन जैसे विषयो अंतर्गत पुरे भारत वर्ष में सेवा कार्य चलाये जाते है |
• वि.हिं.प. द्वारा पुरे देश भर मे १,८७,००० सेवा प्रकल्प चलाये जाते है |
• आपदा प्रबधन विषय में ११,९८० केंद्र कार्यरत है |
• ६९,५८५ सामाजिक सेवा प्रकल्प है |
• ५४५ कैशल्य विकास केंद्र है |
• २०२९ स्वास्थ प्रकल्प जिस मे हॉस्पिटल्स, ग्रामिण स्वस्थ केंद्र मोबाईल डिस्पेंसरी, एम्ब्युलंस सेवा, वैद्याकिय प्रशिक्षण केन्द्रों का समावेश है |
• आज पुरे भारत के अति दुर्गम भाग में १,००,७२५ एकल विद्यालय विश्व हिन्दू परिषद् के माध्यम से चलाये जा रहे है | वि.हिं.प. ने इस साल १ लाख एकल विद्यालयों का टप्पा पूरा किया है | हाल ही मे मा पंतप्रधान श्री नरेन्द्र मोदी जी वि.ही.प. के सेवा कार्य की प्रसंसा करते हुवे बोले थे “एकल विद्यालय देश के प्रगती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है” |
११.३० से १२.४५ में चर्चा सत्र का आयोजन किया गया | इस चर्चा गट में संस्था नियोजन, प्रकल्प व्यवस्थापन, आनेवाली समस्यों का निवारण, टीम बिल्डिंग इत्यादि विषयो पर चर्चा की गई | चर्चा सत्र के लिए ४ गट बनाये गए |
१. सभी सेवा प्रकल्प संस्था के विश्वस्थ का मार्गदर्शन मुंबई क्षेत्र सेवा संयोजक – श्री भार्गव जी सरपोतदार ने किया |
२. संघटनात्मक रचना सेवा विभाग के कार्यकर्ताओंका मार्गदर्शन  मुंबई क्षेत्र संगठन मंत्री – श्री श्रीरंग जी राजे ने किया |
३. प्रकल्प के कार्यकर्ताओंका मार्गदर्शन वि.हिं.प. कोकण प्रान्त के सह प्रान्त मंत्री श्री मोहन जी सालेकर और प्रान्त सेवा प्रमुख श्री डॉ राजन जी शिरसाट ने किया |
४. उपस्थित सभी बच्चो का गट बनाकर उन के लिए देशभक्ति पर कहानिया और विविध खेल श्री सत्यप्रकाश जी मालपानी द्वारा लिए गए |
दोपहर २ बजे हरियाणा भवन के ४ थे माले के सभागृह में सेवा प्रकल्पो की सेवाए तथा सेवा प्रकल्पो द्वारा निर्मित विविध वस्तुओंकी विक्री एवं. प्रदर्शनी का उद्धाटन माजी सांस्कृतिक एवं शिक्षण मंत्री श्री विनोद जी तावडे द्वारा किया गया |
दोपहर ३ बजे इस्कोन भायंदर के अध्यक्ष श्री कमल लोचन दास महाराज जी ने निस्वार्थी सेवा – मन से कियी जाने वाली सेवा , “मानवी शारीर – प्रेम – सेवा – आत्मा” का सुदर मिलाप प्रभु जी ने अपने बौद्धिक में उपस्थितो के सामने रखा  |
दोपहर ३.४५  बजे तपस्या डांस एकडमी के द्वारा भरतनाट्यम् के सदरी करण सांस्कृतिक कार्यक्रमकी शुरवात हुई |
• भिवंडी के स्वामी विवेकानंद इंग्लिश स्कूल गणेश वंदना प्रस्तुत की |
• आनगाव बलाकश्रम के बच्चो ने जोगवा सादर किया |
• बदलापुर के सावली केंद्र के बच्चो ने पोवाडा प्रस्तुत किया  |
• चिखलगाव बच्चो ने “गवळण” और चित्त थरारक मानवी मनोरे प्रस्तुत किये |
• तलासरी सेवा प्रकल्प के बच्चो में वनवासी संस्कृती दर्शन आदिवासी तारपा नृत्य सदर किया |
• गोवा के कानकोंण सेवा संकल्प प्रकल्प ने “कोकण ची देखणी” यह नृत्य सदर किया |
• विद्या  विकास मंदिर नेरळ – अयिगिरी नंदिनी शिव स्तुति व शिव तांडव नृत्य प्रस्तुत किया |
• गोवा के सहाय्यता होम केअर नर्सिंग छत्राओने नेत्र दीपक पारंपारिक समई नृत्य और फुगड्या प्रस्तुत किया |
• मातृछाया ढवळी के छत्रो ने ऐ मेरे  वतन के लोगो यह गीत सादर किया |
• तळावली के छात्रो नें विविधांगी यानी विविध भाषाओमे गीत सदर किये |
• विद्या विकास मंदिर नेरळ के छात्रो ने अनोखे बोने आदमियों की कहानी लिलीपुट सादर किया |
• आनंगाव  प्रकल्प के छत्रा ओ ने पानी विषय पर पथनाट्य प्रस्तुत किया |
शाम के सत्र में श्री श्री १००८ कशिदास जी महाराज त्यागी दहिसर वाले जी ने विश्व हिन्दू परिषद् द्वारा चलाये जाने वाले सभी सेवा कार्य का गौरव किया | कहा राममंदिर के निर्मिती, धरा ३७० का हटाना और भी कइ देश हित के निर्णय कर के भारत आज विश्व गुरु बनने जा रहा है | और विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ते भारत को परम वैभव के मार्ग पर ले जाने के लिये सहाय्यता कर रहे है |
गुरु श्रीमती मानसी नायर जी ने सांस्कृतिक कर्यक्रम मे सभी प्रस्तुतिओंका परिक्षण किया और सर्वोत्तम प्रस्तुती करनेवाले सेवा प्रकल्प को पारितोषिक दिया गया |
जिसमे  तृतीय पारितोषिक – विद्या विकास मंडळ शाळा लिलीपुट नृत्य और भगिनी निवेदिता उत्कर्ष मंडळ अनगाव, पानी बचाओ इस पथनाट्य को मिला |
द्वितीय पारितोषिक – तलासरी प्रकल्प के वनवासी संस्कृती दर्शन आदिवासी तारपा नृत्य के लिए मिला |
प्रथम पारितोषिक के विजेता रहे- गोवा सहायता होम केअर नर्सिंग गोवा के पारंपरिक समई नृत्य को दिया गया |
पारितोषिक प्राप्त विजेता संघोने ने मंच पर मा आनद गोयज जी , मा भार्गवजी सरपोतदार , मा श्रीरंग जी राजे, मा रामचंद्र रामुका जी के साथ गुप फोटो लिए |  सामाजिक कार्य मे विशेष योगदान करने वाले कुछ लोगो का सत्कार भी किया | जिस में श्री भटूजी सावंत, आयन मैन श्री उमेशजी भिड़े, तलासरी सेवा प्रकल्प के विद्यार्थी और यशस्वी उद्योजक श्री राजेश जी धोड़ी, अंतर्राष्ट्रीय कुस्ती गोल्ड मैडल विजेती आनगाव सेवा प्रकल्प की छात्रा कु. रोशनी सिंग का विशेष सत्कार किया गया |
प्रसिद्ध उद्योजक श्री डालचंद जी गुप्ता, प्रसिद्ध उद्योजक श्री सुरेशजी पनसारी,  खासदार श्री गोपाल जी शेट्टी, खासदार श्री विनय जी सहस्त्रबुद्धे, माजी संस्कृतीक एवं शालेय शिक्षण मंत्री श्री विनोद जी तावडे, माजी शिक्षण मंत्री आमदार श्री आशीष जी शेलार, आमदार श्री निलेश राणे सहपरिवार अपनी उपस्थिति लगाई | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कोंकण प्रान्त के कार्यवाह श्री सुनील जी सर्पे तथा मुंबई महानगर के कार्यवाह श्री संजय जी नगरकर तथा संघ-परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारि सेवाकुंभ में विविध सत्रों में उपस्थित थे |
कार्यक्रम के समारोप सत्र में अखिल भारतीय सेवा सह संयोजक श्री आनंद गोयल जी मार्गदर्शन किया | हम सेवा क्यों करते है ? सेवा करते समय घमंड क्यों नहीं करना चाहिए ? हमो जो सेवा करने का मौका देता है है उस के आभार मानने चाहिये ना हीं की हमें आने सेवा कार्य पर घमंड करना चाहिए | इस का उदाहरन देते समय १ गाय और बाघ की कहानी बताई | जैसे १ देश से दुसरे  देश में जाते समय हमें अपने पैसे को उस देश के पैसो में रूपांतरित करना होता है वैसे ही इस धरातल से स्वर्ग में जाने के लिए हमारे पैसे को पुण्य में परावर्तित करना होता है | स्वर्ग में संसार के पैसे नहीं चले वहा सिर्फ पुण्य चलता है | और  पुण्य कमाने का एक मात्र साधन है और वो है निस्वार्थ सेवा करना  |

कार्यक्रम की सांगता करने से पहले कोंकण प्रान्त के सेवा प्रमुख श्री डॉ राजन जी शिरसाट ने सभी सेवा कुंभ को मदत करने वाले सभी दान दाता, हरियाणा भवन प्रसाशन, और अन्य व्यवस्था (साउंड सिस्टम, फोटोग्राफर, केटरिंग सव्हिस, श्री शिर्के मंडप डेकोरेटर), चारकोप पोलिस, निमंत्रित अतिथि, उपस्थित नागरिक, विविधा संस्थाके विश्वस्थ, विविध सेवा प्रकल्प के अधिकारी और बच्चे | सेवा कुंभ २०१९ के संयोजक श्री श्रीकांत जी पुराणिक , सेवा विभाग प्रान्त सह संयोजक जयंत जी दांडेकर श्री राजीव जी ढोले, डॉ कुन्नूर . सभी प्रान्त और जिल्हा सेवा विभाग के कार्यकर्ता और सेवा कुंभ व्यवस्था प्रमुख श्री जीत जी मित्रा, भोजन व्यवस्था प्रमुख श्री परशुराम जी दुबे, यातायात व्यवस्था प्रमुख श्री बी. एल. भारद्वाज जी  , श्री अनिल जी शिरसाट , श्री जुगल किशोर जी धुत और सेवा कुंभ के आयोजन के लिए अथक परिश्रम करने वाले तथा सेवा कुंभ को सहकार्य करने सभी स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया |
इस कार्यक्रम के लिए सभी सेवा प्रकल्प के बच्चो ने लंबा प्रवास किया था और कार्यक्रम के बाद भी रात भर प्रवास करना था | गोवा से आये नर्सिंग छात्रा ओंका तो टिकट भी कंफोर्म नहीं थे |  पुरे दिन भर चले सेवा कुंभ के कार्यक्रम में सभी माननीय वक्ता द्वारा किये गए साधे और सरल मार्गदशन से हर कोई प्रभावित दिख रहा था | कसी के भी चेहरे पर थकान दिख नहीं रही थी | हर कार्यक्रम में हम गाना सुनते है सेवा है यज्ञ कुंड समिधा सम हम जले | सेवा कुंभ में उपस्थित  हर उपस्थित बच्चा, बुढा, जवान गाने का अर्थ अब पक्का समाज गया था | उपस्थित बच्चो ने आगे यथा शक्ति अपने संघटन के साथ मिलकर समाज की सेवा करने का पक्का निशचय अपने मन में कर लिया | आभार कार्यक्रम के बाद पसायदान पठन से कार्यक्रम संपन्न हुवा |
सेवकुंभ 2019 …एक अनुभव..
रविवार दिनांक 22/12/2019 रोजी सेवा कुंभाचे आयोजन कांदिवली येथील हरयाणा भवनात करण्यात आले होते.
सकाळी ६.३० ला आम्ही  नेरळहून बसने निघालो. गाणी ऐकत प्रवास सुखकर झाला. ९.१५ ला हरयाणा भवनात पोहोचलो.
संयोजक श्री. श्रीकांत पुराणिक व श्री. जयंत दांडेकर ह्यांनी सुहास्यवदनाने आमचे स्वागत केले. नोंदणी व उत्तम नाश्ता  करून आम्ही सभागृहात आलो .
ठिक  १० वाजता प्रथम सत्रात स्थितप्रज्ञ श्री. माधव बर्वे ह्यांच्या सूत्रसंचालनात पाहुण्यांचे स्वागत आले. व  दीपप्रज्वलनाने  कार्यक्रमाला सुरुवात झाली.
श्री. श्रीकांत पुराणिक ह्यांनी सहजपणे प्रास्ताविक केले.श्री.कमलनाथजी  व जैन साधू महाराज यांनी आपल्या ओघवत्या वाणीने उपस्थितांना मार्गदर्शन केले.
द्वितीय सत्रात  चार गटात जनसमुदायाला विभागले गेले.
पहिला गट मंडळाचे पदाधिकारी ह्यांना मार्गदर्शन श्री .भार्गव सरपोतदार, दुसरा गट विश्व हिंदु परिषदेचे कार्यकर्ते ह्यांना मार्गदर्शन श्री .श्रीरंग राजे.
तिसरा गट प्रकल्पावर प्रत्यक्ष काम करणारे ह्यांना मार्गदर्शन श्री मोहन सालेकर व श्री  राजन शिरसाट, चौथा गट विद्यार्थी  ह्यांना  मार्गदर्शन श्री.अनिरूद्ध पंडित
असे चार गट तयार करून मार्गदर्शन करण्यात आले.
श्री. विनोद तावडे यांनी प्रकल्पातील विद्यार्थ्यांनी मांडलेल्या  प्रदर्शनी चे उदघाटन केले.
श्री. जीत मिश्रा ,श्री. नरेश अग्रवाल, श्री.शशिकांत करंदीकर , श्री.बळवंत महल्ले ,सौ. श्वेता गांगल , सौ.निशा जोशी, सौ.मनिषा कणेकर  व डा.कल्लूर यांनी कार्यक्रमात सर्वोत्तमपणे साथ दिली
सांस्कृतिक कार्यक्रमाचे सूत्रसंचालन  स्मितवदनी सौ.अश्विनी बापट यांनी उत्तमपणे केले. कोकण प्रांतातील १२ प्रकल्पांनी ह्यात सहभाग घेतला होता
कार्यक्रमात गवळण ,पोवाडा , नृत्य  संस्कृती  दर्शन
अशी विविधता होती.त्यावेळी श्री.  नितेश राणे सपत्निक  उपस्थित होते.  सौ.मानसी  नायर ह्यांनी सेवा प्रकल्पातील  कार्यक्रमाचे परिक्षण केले. 12 प्रकल्पातुन तीन क्रमांक काढण्यात आले .
प्रथम       समई नृत्य  आणि फुगड्या  गोवा
द्वितीय     आदीवासी संस्कृती   तलासरी
तृतीय      लिलीपुट   नेरळ विभागून    पाणी  पथनाट्य . भिवंडी
चहापानानंतर बक्षिस समारंभ आयोजित करण्यात आला.
प्रकल्पातील  गुणवंत
श्री.  उमेश भिडे   आयर्नमॅन  तलासरी
श्री. भटूजी सावंत  स्गिनल शाळा वरळी
कु. रोशनी सिंग  कुस्तीपटू   भिवंडी
यांचा यथोचित सन्मान करण्यात आला.
त्यानंतर  पसायदान  होऊन  कार्यक्रम  संपन्न झाला.
आम्ही  रात्री ११.३० वाजता  नेरळला सुखरूप पोहोचलो.
श्री.शशिकांत करंदीकर ह्यांच्यामुळे मला ह्या सेवा कुंभात काम करण्याची संधी मिळाली.व त्यामुळे माझा जनसंपर्क वाढला.
ह्या  संपूर्ण सोहळ्याची मी एक भाग होते.हे मी माझे  भाग्य  समजते.
सौ.विनया काकडे. विनया काकडे ,विद्या विकास मंडळ, नेरळ.

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