सम्राट हेमचन्द्र विक्रमादित्य राज्याभिषेक स्मृति समारोह

नई दिल्ली- इन्द्रप्रस्थ विश्व हिन्दू परिषद एवं इतिहास संकलन के तत्वावधान में सम्राट हेमचन्द्र विक्रमादित्य राज्याभिषेक समारोह द्वारा गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में डा. कृष्ण गोपाल जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सर कार्यवाह, श्री बाल मुकुन्द त्रिपाठी जी अखिल भारतीय संगठन मंत्री इतिहास संकलन समिति, श्री विनायक राव जी देशपाण्डे विश्व हिन्दू परिषद, केन्द्रीय सह संगठन महामंत्री, क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री करूणा प्रकाश जी एवं प्रो. चन्द्रकला पाणिया, चैयरमैन इंडियन इंस्टीट्यूट आफ एडवांस स्टडी शिमला उपस्थित रहे। डा. कृष्ण गोपाल जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि सातवीं शताब्दी से अफ्रीका, यूरोप, मध्य एशिया के कई देशों में अधिकतम एक वर्ष की लड़ाई में ईस्लामिक राजा आसानी से विजय हासिल कर रहे थे लेकिन भारत आने में उन्हें 350 वर्षों तक लड़ना पड़ा। दुनिया का स्वभाव और भारत का स्वभाव अलग है। अलेक्जेंडर जैसे राजा को भी भारत में आने के दौरान हार मानना पड़ा। उन्होंने कहा कि 12वीं शताब्दी से 1947 तक हिन्दू संघर्ष करने रहे। आजादी के बाद आज वहीं इस्लामिक राजा आज सड़कों पर पंचर लगा रहा है। डा. गोपाल जी ने कहा कि यदि भारत ने इस्लाम के बढ़ते कद को न रोका होता तो चीन, जापान, मंगोलिया सहित अन्य देशों में भी इस्लाम का कब्जा होता। उन्होंने 1767 में ब्रह्मपुत्र नदी में राम सिंह और असमी लोगों के युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा नेवल युद्ध था जिसमें मुगल सेना को हार का सामना करना पड़ा।
श्री बाल मुकुन्द जी ने कहा कि भारत का इतिहास महान है लेकिन हमारी इस नई पीढ़ी को इसकी जानकारी ही नही है। हमें सरकार पर ही नही निर्भर रहना चाहिए। हमें अपने स्तर पर भी प्रयास कर लोगों को जागरूक करना होगा। विश्व हिन्दू परिषद के सुयुक्त सह संगठन मंत्री ने कहा कि हेमचन्द्र अंतिम हिन्दू राजा थे उन्होनें अपने अल्प अवधि के शासन में भी दुश्मनों को परेशान कर दिया था। पानीपत में उन्हें हार का सामना करना पड़ा हमारे युवाओं में ऐसे राजाओं के बारे में जानकारी होनी चाहिए। उन्होनें केन्द्र सरकार और दिल्ली नगर निगम से मांग रखी है सम्राट हेमचन्द्र विक्रमादित्य का राज्याभिषेक पुराने किला में हुआ था वहां उनका अभिषेक स्मारक बनाना चाहिए उन्होनंे कहा कि अगले वर्ष विश्व हिन्दू परिषद का कार्यक्रम पुराने किले में ही होगा और हमे उम्मीद है कि केन्द्र सरकार उनका स्मारक जरूर बनवायेगी। उन्होने कहा कि राजस्थान और हरियाणा सरकार ने हिन्दू राजाओं के तेज को बताते हुए स्मारक बनवाये हुए है।
केन्द्रीय उपाध्यक्ष श्री ओम प्रकाश सिंघल जी ने कहा कि सम्राट हेमचन्द्र के बाद दूसरा योद्धा भारत के धरती पर स्व. अशोक सिंघल जी थे जिनके अथक प्रयास से विपरीत परिस्थितियों में भी हिन्दुओं को हमेशा जागृत करते रहे। उसी का नतीजा है कि आज भारत के इतिहास में पुनः भगवा युग का परिवर्तन हो रहा है।
महेन्द्र रावत जी विहिप प्रचार प्रसार दिल्ली के अनुसार केन्द्र, उपराज्यपाल व दिल्ली नगर निगम एवं सम्बन्धित विभाग को पुराने किले मंे स्मारक बनाने के लिए व पुराने किले चैक को हेमचन्द्र चैक के नाम से बनवाने के लिए अतिशीघ्र एक प्रतिनिधि मण्डल ज्ञापन प्रेषित करेगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक श्री हरीश रावत जी, प्रांत मंत्री श्री बचन सिंह, राष्ट्रीय कवि श्री गजेन्द्र सोलंकी, इतिहास संकलन योजना समिति के महामंत्री डा. जगबीर सिंह जी, प्रांत उपाध्यक्ष श्री बृज मोहन सेठी जी, प्रांत धर्म प्रसार प्रमुख श्री रमेश शर्मा जी उपस्थित रहे।

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